नई दिल्ली । तृणमूल कांग्रेस ने नई संसद भवन के भूमि पूजन कार्यक्रम का विरोधकर धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ बताया। कई अन्य विपक्षी नेताओं ने मोदी सरकार की प्राथमिकता पर सवाल खड़े किए हैं। बता दें कि पीएम मोदी 10 दिसंबर को संसद भवन की नई इमारत के लिए पूजा करने वाले हैं। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, ‘अगर पीएम भूमि पूजन कर रहे हैं,तब मैं उनसे दूसरे धर्मों के नेताओं को भी आमंत्रित करने का आग्रह करूंगा। ताकि देश में रहने वाले हर शख्स को नई संसद भवन के लगाव महसूस हो।’एनसीपी नेता मजीद मेनन ने कहा कि अगर भूमि पूजन से पहले सभी धर्मों के लोगों की प्रार्थना सभा का आयोजन होना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसकी पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 दिसंबर को नए संसद भवन के शिलान्यास समारोह में शामिल होकर इसका भूमि पूजन करने वाले है। नया संसद भवन भूकंप-रोधी होगा और इस 971 करोड़ रुपये की लागत से 64,500 वर्ग मीटर में बनेगा , जो कि पुराने भवन से 17,000 वर्ग मीटर अधिक होगा। परियोजना का ठेका टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘लोकसभा सदस्यों के लिए लगभग 888 सीटें होंगी और नए भवन में राज्यसभा सदस्यों के लिए 326 से अधिक सीटें होंगी। लोकसभा हॉल में एक साथ 1,224 सदस्य बैठ सकते है।