रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुदूर वनांचल के किसानों को नरवा, गरूवा, घुरूवा बाड़ी योजना से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में कांसाबेल विकासखंड के ग्राम बटईकेला के किसान तेलेस्फोर ने उद्यान विभाग की योजना और नरवा, गरूवा, घुरूवा बाड़ी योजना का लाभ लेकर साग-सब्जी, लौकी, तरोई भिण्डी का अपने बाड़ी में उत्पादन कर रहे है। इससे उनको अच्छी आमदनी हो रही है। बाड़ी विकास से जुड़कर उन्होंने अपने बाड़ी में रकबा 0.250 में सब्जी लगाए हैं उनको जिला खनिज न्यास निधि योजनांतर्गत से एवं उद्यान विभाग के द्वारा सब्जी मिनी कीट, बीज भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में आधुनिक तकनीकी के माध्यम से सब्जी की अच्छी उत्पादन हो रही है। बाड़ी में सिंचाई के लिए कुंआ की भी सुविधा उपलब्ध है। एल सीजन में बाड़ी से उन्हें 2 क्विंटल सब्जी का उत्पादन हो जाता है जिससे उन्हें स्थानीय बाजार में विक्रय करने से अच्छी आमदनी प्राप्त हो जाती है। उन्होंने बताया कि कुल सब्जी उत्पादन में से 50 किलोग्राम परिवारिक उपयोग में किया है शेष 1.5 क्विंटल सब्जी स्थानीय बाजार में बेचकर उन्हें आर्थिक लाभ हुआ।
किसान तेलेस्फोर ने छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा है कि नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना किसानों के लिए कल्याणकारी योजना है साथ ही अपने बाड़ी को संरक्षित करके शासन की येाजना का लाभ लेकर उन्नत तकनीकी से सब्जी का उत्पादन कर रहे है।