रायपुर। ग्रामीण परिवेश में सफल एवं सुचारू डेयरी व्यवसाय का संचालन कराने के लिए शासन की ओर से आधुनिकतम तरीके से पशुपालन के लिए अनुदान प्रदान किया जा रहा हैं। जिसमें पषुपालन विभाग से राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजनान्तर्गत 12 लाख रूपए का डेयरी पालन राषी स्वीकृत किया जाता है। जिसमें से शासन द्वारा 50 प्रतिषत का अनुदान प्रदान किया जाता हैं।
इस योजना से अनेक लागों ने लाभ प्राप्त किया हैं जिसमें से एक हैं विकासखण्ड सूूरजपुर के ग्राम सतपता के निवासी अंकु गुप्ता पिता महेन्द्र प्रसाद गुप्ता। अंकु गुप्ता के पास 06 दुधारू गया थी जिससे 20 से 25 लीटर दुग्ध ही प्रतिदिन मिल जाता था। जो उनके परिवार के पोषण एवं आय के साधन के रूप में पर्याप्त नहीं था। इस दौरान उन्हे पषुधन विकास विभाग से राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के बारे में जानकारी प्राप्त हुई।
उन्होनें पषुधन विकास विभाग द्वारा राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजनान्तर्गत वर्ष 2018-19 में 12 लाख रूपए का लाभ लिया जिसमें शासन द्वारा उन्हें 50 प्रतिषत का अनुदान प्राप्त हुआ। इस योजना के साथ-साथ पषुधन विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों जैसे कृत्रिम गर्भाधान, हरा चारा विकास, डेयरी पालन के संबंध में समय-समय पर दिये जाने वाले प्रषिक्षण आदि का उनके द्वारा लाभ लिया गया और परिणाम स्वरूप उनकी आर्थिक स्थिति सषक्त हुई।
वर्तमान में उनके पास 40 गाय हैं। जिनसे रोजाना 200 लीटर से 250 लीटर प्रतिदिन दुग्ध प्राप्त होता हैं एवं शुद्ध रूप से लगभग 1 लाख रूपए प्रतिमाह लाभ प्राप्त होता हैं। जो उनके परिवार के भरण पोषण के अतिरिक्त आमदनी का महत्वपूर्ण साधन बन गया है। जिससे उनका जीवन खुषहाल हो गया हैं। इसके लिए उन्होनें शासन को इस योजना के लिए अपना अभार प्रकट कर धन्यवाद दिया हैं।