नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक ने देश में निजी सेक्टर के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया है। यह जुर्माना सब्सिडियरी जनरल लेजर में बैलेंस कम होने के मामले में लगा है। इसकी जानकारी बैंक ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में दी है। बैंक ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 4 दिसंबर को उस पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। ऐसा इसलिए क्योंकि (एसजीएल) में जरूरी पूंजी के स्तर से कम बैलेंस हो गया था। बैंक ने कहा कि उस 9 दिसंबर को रिजर्व बैंक का आदेश मिला था। बैंक ने कहा कि 19 नवंबर को बैंक के सीएसजीएल अकाउंट में कुछ सिक्योरिटीज में बैलेंस की कमी हो गई थी। बैंक का शेयर शुक्रवार को गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। यह 1379 रुपए पर कारोबार कर रहा था।
दरअसल सब्सिडियरी जनरल लेजर एक तरह का डिमैट अकाउंट होता है,इसमें बैंकों द्वारा सरकारी बॉन्ड रखा जाता है। जबकि, सीएसजीएल को बैंक की तरफ से खोला जाता है, जिसमें ग्राहकों की ओर से बैंक बॉन्ड रखते हैं। बॉन्ड से जुड़े लेनदेन फेल होने को ही कहा जाता है कि एसजीएल बाउंस हो गया। बता दें कि यह दूसरा मामला हाल में है जब बैंक को रिजर्व बैंक की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। हाल में रिजर्व बैंक ने एचडीएफसी बैंक को अगले आदेश तक नई डिजिटल लांचिंग पर रोक लगाने का आदेश दिया है। आरबीआई ने यह भी कहा कि बैंक नया क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंक के डिजिटिल प्लेटफॉर्म में लगातार दो सालों से गड़बडी मिल रही है।