नई दिल्ली । आर्थिक मामलों के सचिव तरुण बजाज ने कहा कि सरकार भारतीय सॉवरेन बांडों को अगले साल से वैश्विक सूचकांकों में शामिल करने की कवायद कर रही है। इससे विदेशी मुद्रा की आवक बढ़ेगी, क्योंकि कई विदेशी कोष अनिवार्य रूप से वैश्विक सूचकांकों का अनुसरण करते हैं। इससे विदेश से बड़े निवेश लाने में मदद मिलेगी, जिसके फलस्वरूप उद्योगों को अधिक घरेलू पूंजी उपलब्ध होगी। बजाज ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक कुछ अन्य प्रयास भी कर रहा है, जिसके तहत एफपीआई को कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश करने की इजाजत दी गई है और उनके निवेश की सीमा को नौ प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया है। बजाज ने सीआईआई द्वारा आयोजित एक आभासी सम्मेलन में कहा कि हम अब भारत सरकार के सॉवरेन बांड को वैश्विक बांड सूचकांकों में शामिल करने पर भी काम कर रहे हैं, और हमें उम्मीद है कि अगले साल तक यह काम हो जाना चाहिए और इससे निश्चित रूप से मदद मिलेगी। विदेशी निवेशक लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे, जिसका जिक्र इस साल के बजट में भी किया गया था।