डॉ. कोकिला भारती जायसवाल — परिचय एवं उपलब्धियाँ

डॉ. कोकिला भारती जायसवाल — परिचय एवं उपलब्धियाँ

* डॉ. कोकिला भारती जायसवाल* एक समर्पित शिक्षिका, शोधकर्ता एवं अकादमिक के रूप में शिक्षा, अनुसंधान तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों का निरंतर निर्वहन कर रही हैं। उनका शैक्षणिक जीवन निरंतर सीखने, शोध, नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणादायी यात्रा रहा है।

डॉ. जायसवाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा *ज्योति विद्यालय, भिलाई-3, चारौदा* से प्राप्त की तथा कक्षा 12वीं की शिक्षा *कृष्णा पब्लिक स्कूल, नेहरू नगर, भिलाई* से जीव विज्ञान एवं गणित विषयों के साथ पूर्ण की। उन्होंने *AIEEE एवं CGPET* जैसी प्रवेश परीक्षाएँ उत्तीर्ण कर *Electronics and Telecommunication Engineering* में अभियांत्रिकी शिक्षा प्राप्त की। इसके पश्चात *GATE* परीक्षा उत्तीर्ण कर उन्होंने *National Institute of Technology, Tiruchirappalli (NIT Trichy)* से *VLSI Design में MS (By Research)* किया। MS (By Research) के दौरान एवं उसके पश्चात उन्होंने अपने शोध कार्य को आगे बढ़ाते हुए *दो शोध-पत्र* प्रतिष्ठित अकादमिक सम्मेलनों में प्रकाशित किए, जिनमें एक *Anna University*chennai (T.N.) तथा दूसरा *RajasthanTechnical University, Alwar* में आयोजित सम्मेलन से संबंधित था।

शैक्षणिक एवं शोध क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर NIT RAIPUR में अध्यापन कार्य करते हुए*NET* परीक्षा उत्तीर्ण की तथा *National Institute of Technology, Raipur (NIT Raipur)* से *Artificial Intelligence* के क्षेत्र में Ph.D. की उपाधि प्राप्त की। *Ph.D. के पश्चात उनके प्रमुख शोध कार्य का केंद्र Facial Video के माध्यम से Heart Rate Estimation रहा है।* यह शोध *Artificial Intelligence, Computer Vision एवं Contactless Health Monitoring* जैसे उभरते हुए क्षेत्रों के संगम पर आधारित है। इस क्षेत्र में उन्होंने व्यापक एवं महत्वपूर्ण शोध कार्य करते हुए *विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध-पत्र प्रकाशित एवं प्रस्तुत किए तथा प्रतिष्ठित Q1 श्रेणी की शोध-पत्रिकाओं में अनेक शोध-पत्र प्रकाशित किए।*

शोध के साथ-साथ (डॉ. कोकिला) अकादमिक जगत में सक्रिय रूप से योगदान देती रही हैं। एवं विभिन्न प्रतिष्ठित *राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्रिकाओं की Reviewer* के रूप में अपनी अकादमिक सेवाएँ प्रदान कर रही हैं। शोध-पत्रों के समीक्षण के माध्यम से वे गुणवत्तापूर्ण एवं मौलिक शोध को प्रोत्साहित करने तथा अकादमिक शोध की गुणवत्ता बनाए रखने में अपना योगदान दे रही हैं।

शिक्षण के क्षेत्र में उन्होंने *Kalinga University* में *Assistant Professor* के रूप में कार्य किया। वर्तमान में वे *Bhilai Institute of Technology (BIT), Bhilai* में *Assistant Professor* के पद पर कार्यरत हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, विषय की व्यावहारिक समझ तथा उनमें शोध, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना उनके शिक्षण दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

शिक्षा के माध्यम से समाज के प्रति योगदान देने की भावना भी उनके जीवन का महत्वपूर्ण पक्ष रही है। समाज के प्रति योगदान की इच्छा से उन्होंने समय-समय पर *बच्चों को ट्यूशन कक्षाएँ* प्रदान कीं और उनकी शैक्षणिक प्रगति में सहयोग किया। उनका मानना है कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत उन्नति का माध्यम नहीं, बल्कि एक सशक्त, जागरूक एवं प्रगतिशील समाज के निर्माण का आधार है।

अकादमिक उत्कृष्टता और निरंतर सीखने की उनकी प्रतिबद्धता का एक उल्लेखनीय उदाहरण *NPTEL* के “Artificial Intelligence: Concepts and Techniques” पाठ्यक्रम में प्राप्त *92% अंक एवं Gold Medal* है। यह उपलब्धि Artificial Intelligence के क्षेत्र में उनकी विषयगत दक्षता, मेहनत तथा नवीनतम ज्ञान अर्जित करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

शोध के क्षेत्र में उनके निरंतर प्रयासों एवं विशेषज्ञता को देखते हुए उनका चयन *Post-Doctoral Research* के लिए *IIT Bhilai* में हुआ। वे वर्तमान में *IIT Bhilai में Post-Doctoral Research* कर रही हैं, जहाँ Artificial Intelligence एवं अपने शोध क्षेत्र से संबंधित उन्नत अनुसंधान कार्य में सक्रिय रूप से संलग्न हैं।

डॉ. कोकिला भारती जायसवाल की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक यात्रा *शिक्षा, शोध, नवाचार, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन, अकादमिक उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व* के प्रति उनके समर्पण को प्रतिबिंबित करती है। एक शिक्षिका के रूप में उनका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को विषयगत ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उनमें *जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व* की भावना विकसित करना है।

उनका निरंतर प्रयास है कि *शिक्षा एवं अनुसंधान को समाजोपयोगी बनाते हुए नई पीढ़ी को ज्ञान, कौशल और नवाचार के माध्यम से सशक्त किया जाए* तथा अपने शोध एवं अकादमिक योगदान के माध्यम से राष्ट्र की प्रगति में सार्थक भूमिका निभाई जाए।

 

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