सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी

सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी

 

कच्चे घर की चिंता हुई दूर, पीएम आवास से नर्मदा बाई के परिवार को मिली पक्की छत

महतारी वंदन और पेंशन बनी आर्थिक सहारा, शौचालय से मिला स्वच्छता और सम्मान

एक परिवार को कई योजनाओं का लाभ, सुरक्षित घर के साथ बेहतर हुई रोजमर्रा की जिंदगी

रायपुर, 29 सितम्बर 2026/ कभी कच्चे घर में मौसम की मार और सीमित संसाधनों के बीच जीवन गुजारने वाली जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह विकासखंड की ग्राम पंचायत लखुर्री निवासी श्रीमती नर्मदा बाई के परिवार के जीवन में शासकीय योजनाओं ने नई उम्मीद जगाई है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से परिवार को पक्का और सुरक्षित घर मिला है, वहीं महतारी वंदन योजना, पेंशन और शौचालय जैसी सुविधाओं ने उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सहारा दिया है।

श्रीमती नर्मदा बाई और उनके परिवार के लिए अपना पक्का घर लंबे समय से एक बड़ी जरूरत थी। कच्चे मकान में बारिश और बदलते मौसम के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से पक्का आवास मिलने के बाद अब परिवार को इन परेशानियों से काफी हद तक राहत मिली है। उनके लिए यह पक्का मकान केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन का आधार बन गया है।

महतारी वंदन और पेंशन से रोजमर्रा की जरूरतों में मिला सहारा

परिवार को महतारी वंदन योजना और पेंशन का लाभ भी मिल रहा है। नियमित रूप से मिलने वाली सहायता राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। सीमित आय वाले परिवार के लिए यह आर्थिक सहयोग रोजमर्रा के खर्चों में सहारा दे रहा है।

शौचालय की सुविधा ने परिवार के जीवन में स्वच्छता और गरिमा को भी मजबूत किया है। घर में शौचालय बनने से खुले में शौच की परेशानी दूर हुई है और परिवार को स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण मिला है।

पक्की छत, आर्थिक सहारा और स्वच्छता की सुविधा से बदली जिंदगी

श्रीमती नर्मदा बाई के परिवार की कहानी बताती है कि अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक परिवार तक पहुंचने से जीवन में व्यापक बदलाव आ सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने पक्की और सुरक्षित छत दी, महतारी वंदन योजना और पेंशन ने आर्थिक जरूरतों में सहयोग दिया, वहीं शौचालय की सुविधा ने स्वच्छता और सम्मान को मजबूती दी।

सेवा संकल्प अभियान के दौरान सामने आई नर्मदा बाई की यह ‘सेवा की कहानी’ कच्चे मकान की चिंता से निकलकर सुरक्षित और सुविधाजनक जीवन की ओर बढ़ते एक परिवार की कहानी है। आज पक्के घर में उनका परिवार अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है और योजनाओं से मिले सहयोग के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीद भी मजबूत हुई है।

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