दुर्ग / प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने आठ प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की पदस्थापना की है, जिसको लेकर छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने सामान्य प्रशासन को पत्र लिखकर इन आठ जिलों में योग्य और वरिष्ठतम जिला शिक्षा अधिकारी की पदस्थापना करने की मांग किया गया था, जिसको लेकर अब सामान्य प्रशासन विभाग ने अवर सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर प्रकरण पर परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने और की गई कार्यवाही की जानकारी आवेदक यानि क्रिष्टोफर पॉल को देने का निर्देश दिया है।
क्या कहता है नियम…
सामान्य प्रशासन के स्थायी निर्देश दिनांक 04.08.2011 के अनुसार वरिष्ठ के रहते कनिष्ठ को चालू कार्यभार नही सौंपा जाना है और छग स्कूल स्कूल सेवा (शैक्षिक एंव प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2019 के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी के पद उप संचालक (संवर्ग)/प्राचार्य (प्रथम श्रेणी) के समकक्ष अधिकारी को ही पदस्थ किये जाने का प्रावधान है, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा कनिष्ठ अधिकारियों को जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ कर दिया गया है, जबकि इन अधिकारियों से वरिष्ठतम अधिकारी स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत है।
इनको दिया प्रभार
आशोक नारायण बंजारा (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारीए रायपुर), प्रवास सिंग बघेल (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग), राजेश कर्मा (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, दंतेवाड़ा), श्रीमती रजनी नेलशन (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, धमतरी), श्रीमती मधुलिका तिवारी (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, बेमेतरा), एमआर मंडावी (प्रभाारी जिला शिक्षा अधिकारी, नारायणपूर) राजेश कुमार झा (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, जगदलपुर) और परसराम चंद्राकर (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, महासंमुद) शामिल है।
हो सकती है बड़ी कार्यवाही
सामान्य प्रशासन के स्थायी निर्देश दिनांक 04.08.2011 और छग स्कूल सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2019 के अनुसार इन आठ प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की पदस्थापना की जांच नियमानुसार किया गया तो इन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों के ऊपर गाज गिर सकता है, क्योंकि स्कूल शिक्षा विभाग में कई उप-संचालक और कई प्रथम श्रेणी के प्राचार्य कार्यरत है और यह प्रथम श्रेणी के अधिकारी है और जिन आठ व्यक्तियों को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है, वे सभी द्वितीय श्रेणी के अधिकारी है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी का पद उप संचालक (संवर्ग) के समकक्ष अधिकारी का पद है एवं उसी संवर्ग के अधिकारी को ही पदस्थ किये जाने का प्रावधान है, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा विभाग में मूल संवर्ग (उप संचालक) के प्रथम श्रेणी अधिकारी के रहते हुए द्वितीय श्रेणी अधिकारी को जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार सौंपा जाना स्कूल शिक्षा विभाग और सामान्य प्रशासन के स्थायी निर्देशों और छग स्कूल सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2019 का उल्लघंन है।