मनरेगा के क्रियान्वयन में पुरुषों की तुलना में मानव दिवस अर्जन के मामले में दुर्ग की महिलाएं प्रदेश में अग्रणी

मनरेगा के क्रियान्वयन में पुरुषों की तुलना में मानव दिवस अर्जन के मामले में दुर्ग की महिलाएं प्रदेश में अग्रणी

दुर्ग / मनरेगा योजना में जिला दुर्ग पुरुषों की तुलना में महिला मानव दिवस अर्जित करने के मामले में 30,19,629 दिन अर्जित कर प्रदेश में अग्रणी स्थान पर है। योजना के तहत महिलाएं पुरूषों की अपेक्षा अधिक कार्य कर रही है। गौरतलब है कि जिले में कुल 46,89,857 मानव दिवस किये गए हैं। जिसमें पुरूषों 16,70,228 मानव दिवस अर्जित कर रहे है। ग्रामीण महिलाएं अपने मजबूत कंधों पर घर के साथ गाँव के विकास की जिम्मेदारी भी निभा रही है। मनरेगा योजना अंतर्गत तालाब गहरीकरण से लेकर आंगनबाडी भवन, पंचायत भवन, नया तालाब, डबरी निर्माण चेक डेम, नाला निर्माण, चेक डेम निर्माण कार्य में अपना योगदान महिलाओं ने दिया है।
जिले की स्वीकृत 290 गोठानों में महिला समूहों द्वारा गोबर के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण किया जा रहा हैं इससे उनको आर्थिक रूप से मजबूती मिल रही है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में महिला स्व-सहायता समूहों को स्वच्छाग्राही, स्वच्छता प्रेरक के रूप में जोड़ा गया है। अंतर्राष्ट्रीय विश्व महिला दिवस के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), आजीविका मिशन, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम, नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी आदि समस्त योजनाओं में महिला स्व-सहायता समूह की सक्रिय भूमिका रही है। इन सभी योजनाओं में महिला स्व-सहायता समूहों को विशेष रूप से जुड़कर सफलता की उपलब्धियों की ओर आगे बड़ रहे हैं। एस. आलोक सीईओ, जिला पंचायत दुर्ग द्वारा जानकारी दी गई कि आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले के 385 ग्राम के लगभग दस हजार महिलाओं ने गांव की स्वच्छता के साथ-साथ आजीविका मिशन एवं मनरेगा अंतर्गत महिला मजदूरों द्वारा मानव दिवस अर्जित 3019629 किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत जिले की लगभग 40 लाख महिलाएं जुड़कर आजीविका के अलग-अलग क्षेत्र में कार्य कर रही है।
स्वच्छाग्राही स्व-सहायता समूहों द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर ओ.डी.एफ. एवं स्वच्छता स्थायित्व बनाए रखने के लिये निरंतर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गई। सभी 304 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता स्थायित्व हेतु महिलाओ की चौपाल का आयोजन किया गया। स्वच्छता चौपाल के माध्यम से आम ग्रामीणों को स्वच्छता एवं माहवारी स्वच्छता प्रबंधन संबंधित जानकारी दी गई। इसके पश्चात् स्वच्छता मतदान का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता संबंधित सुझावों को मतदान पेटी में डाला गया एवं चर्चा की गई। महिला समूह द्वारा स्वच्छता रैली का आयोजन किया गया एवं सार्वजनिक स्थान पर एकत्र होकर ग्रामीणों के साथ स्वच्छता शपथ ली गई। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान किया गया। ग्रामीण बच्चों को एकत्र कर एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में हाथ धुलाई गतिविधियां कराई गई, जिसमें हाथ धोने की आवश्यकता से अवगत कराया गया। बच्चों एवं महिलाओं द्वारा स्वच्छता संबंधित प्रतियोगिताएं जैसे रंगोली, नारा लेखन, पेन्टिंग एवं खेल-कूद का आयोजन किया गया। ग्राम के सार्वजनिक स्थानों एवं पेयजल स्त्रोतों की श्रमदान कर साफ-सफाई की गई। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के मुख्य सलाहकार आनंद शेखर द्वारा जिला दुर्ग के ओ.डी.एफ. प्लस ग्राम रिसामा का भ्रमण किया गया एवं जानकारी दी गई कि भारत सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत आगामी वित्तीय वर्ष में जनसंख्या के अनुपात में बड़े बजट का प्रावधान किया गया है, ग्रामीण क्षेत्रों में निकलने वाले 80 प्रतिशत कचरे से खाद बनाया जा सकता है, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन की नरवा, गरवा, घुरवा बाड़ी की प्रशंसा करते हुए जल शक्ति मंत्रालय में इस योजना की जानकारी दिये जाने की बात कही गई। ग्राम में निकलने वाले 20 प्रतिशत अजैविक कचरे के निपटान हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर योजना बनाए जाने पर जोर दिया गया तथा विकासखंड स्तर पर प्रोसेसिंग इकाई लगाये जाने के बारे में प्रावधान किया जा रहा है। भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत में निर्मित सेग्रीगेशन वर्कशेड, सामुदायिक शौचालय, सोख्ता गड्ढा, त्रि-स्तरीय जल शुद्धिकरण इकाई, नाडेप एवं वर्मी टेंक, गौठान, पंचायत भवन, बाल सदन, मल जल प्रबंधन अंतर्गत किये जा रहे कार्य एवं अन्य सार्वजनिक स्थल का निरीक्षण किया गया। ग्राम पतोरा में सरस्वती दीदी स्वच्छाग्राही स्व-सहायता समूह द्वारा कचरा एकत्रिकरण का कार्य किया जा रहा है। अब-तक समूह की महिलाओं द्वारा 25 हजार रू. का अपशिष्ट कबाड़ी के पास विक्रय किया जा चुका है। गोठान में निर्मित 65 क्विंटल खाद का विक्रय किया जा चुका है। विश्व महिला दिवस के उपलक्ष्य में ग्राम पंचायत पतोरा में सभी घरों के सामने महिला का नाम लिखा जा रहा है। जिससे घर की पहचान महिलाओं के नाम होगी एवं महिलाओं के सम्मान में वृद्धि होगी। मुख्य सलाहकार, जलशक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ग्राम में किये गये कार्यों की सराहना की गई एवं आगामी भ्रमण में केन्द्रीय मंत्री महोदय को भी सम्मिलित किये जाने की बात कही गई। श्रीमती योगिता चंद्राकर, सदस्य, जिला पंचायत दुर्ग से ग्राम पंचायत रिसामा में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन अंतर्गत किये जा रहे कार्यो के संबंध में चर्चा की गई।
भ्रमण के दौरान एस. आलोक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग, श्रीमती अभिलाषा आनंद, राज्य सलाहकार, गिरीश माथुरे, जिला समन्वयक, राजेश तांडेकर, जिला सलाहकार, नीलमणी चंदेल, विकासखंड समन्वयक पाटन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सुरेश कापसे, उमानचंद निकोसे, वाटरएड एवं श्रीमती अंजिता गोपेश साहू, सरपंच, ग्राम पंचायत पतोरा, श्रीमती गीता महानंद, सरपंच, ग्राम पंचायत रिसामा, घनश्याम साहू, उपसरपंच, ग्रा. पंचायत पतोरा, पंचगण, ढालसिंग साहू, सचिव, ग्राम पंचायत पतोरा, धारेन देवांगन, सचिव, ग्राम पंचायत रिसामा, सरस्वती दीदी स्वच्छाग्राही, स्व-सहायता समूह, ग्राम पंचायत पतोरा, माॅ शीतला, स्वच्छाग्राही स्व-सहायता समूह, ग्राम पंचायत रिसामा व ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त घोषित करने पश्चात् स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेस-02 अंतर्गत ग्रामीणों द्वारा शौचालय का शत्प्रतिशत उपयोग, शाला, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन में शौचालय की उपलब्धता, सेग्रीगेशन वर्कशेड की उपलब्धता एवं ठोस व तरल अपशिष्ट के उचित निपटान की व्यवस्था के आधार पर ग्रामों को ओ.डी.एफ. प्लस ग्राम घोषित किया जा रहा है। अब तक जिला दुर्ग के 08 ग्रामों को ओ.डी.एफ. प्लस घोषित किया जा चुका है। जनपद पंचायत दुर्ग से ग्राम रिसामा, ढौर, कोड़िया, मचांदुर, जनपद पंचायत धमधा से ग्राम बसनी एवं जनपद पंचायत पाटन से ग्राम पंचायत पतोरा, कौही व अमलेश्वर को ओ.डी.एफ. प्लस ग्राम घोषित किया गया है।

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