बीएसपी के टेलरिंग सेक्शन ने मेडिकल बिरादरी को कोविड संक्रमण से बचाने में निभाई अहम भूमिका

बीएसपी के टेलरिंग सेक्शन ने मेडिकल बिरादरी को कोविड संक्रमण से बचाने में निभाई अहम भूमिका

भिलाई / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र ने कोविड-19 की जंग में एक सकारात्मक भूमिका निभा रहा है। यहां कार्यरत् डॉक्टर्स, नर्सेस व पैरा-मेडिकल स्टाफ मरीजों के जीवन बचाने में निरन्तर लगे हुए है। परन्तु इन डॉक्टरों, नर्सों व पैरा-मेडिकल स्टाफ के जीवन को संक्रमण से बचाने हेतु अस्पताल का एक अनुभाग दिन-रात लगा हुआ है, वह अनुभाग है बीएसपी अस्पताल का टेलरिंग सेक्शन। टेलरिंग सेक्शन ने मेडिकल बिरादरी के लिए निरन्तर सुरक्षा सामग्रियों का निर्माण कर इन्हें संक्रमण से बचाने की पुरजोर कोशिश की है।

मेडिकल बिरादरी को संक्रमण से बचाने की मुहिम
मेडिकल एवं हेल्थ सर्विसेस के महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं सेवाएँ) एस एम शाहिद अहमद ने बताया कि समस्त चिकित्सकीय तैयारियों को कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ एस के इस्सर के मार्गदर्शन तथा अन्य सीएमओ के गाइडेंस में सम्पन्न किया जा रहा है। आज कोविड-19 की इस लड़ाई में एक महत्वपूर्ण हथियार है मेडिकल स्टाफ के लिए सुरक्षा सामग्री की उपलब्धता। इन सुरक्षा सामग्री की उपलब्धता को सुनिश्चित कर जहाँ हम अपने चिकित्सकों व चिकित्सकीय कार्मिकों को कोविड-19 से संक्रमित होने से बचा रहे हैं वहीं सेल-बीएसपी के कोरोना वायरस से बचाव के मुहिम को भी शक्ति प्रदान कर रहे हैं। सुरक्षा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक खरीद के साथ-साथ अस्पताल स्तर पर भी प्रयास किया गया। आर्डर किए गए सुरक्षा सामग्री को आने में समय लग सकता है। अतः हमने अस्पताल स्तर पर भी सुरक्षा सामग्री को उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया और हमारे इस मुहिम में अस्पताल के टेलरिंग सेक्शन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सुरक्षा सामग्री के निर्माण से हमें थकान नहीं मुस्कान मिला
महाप्रबंधक द्वय एस एम शाहीद अहमद एवं बलबीर सिंह के नेतृत्व में संयंत्र के जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र में संचालित टेलरिंग सेक्शन ने कोविड-19 की तैयारी में अपनी अहम् भूमिका निभाते हुए सुरक्षा सामग्री की उपलब्धता को सुनिश्चित करने हेतु दिन-रात एक कर दिया। यहाँ तक कि कार्मिकों ने स्वैच्छिक रूप से रविवार को भी अपनी सेवाएँ जारी रखी। टेलरिंग सेक्शन में कार्यरत् सुश्री बलजीत कौर बताती हैं कि यह सेवा का कार्य है। इसे करते हुए हम गौरव का अनुभव कर रहे हैं। इसी टीम के सदस्य सुश्री शर्मिला यदुवंशी का मानना है कि सुरक्षा सामग्री को तैयार करने में हमें थकान नहीं मुस्कान मिला है। इसी टीम के एक और समर्पित सदस्य गुलाब चंद देवांगन कहते हैं कि संकट की घड़ी में हमें योगदान का मौका मिला इससे ज्यादा सम्मान की बात कुछ नहीं हो सकती है।

टेलरिंग सेक्शन के जज्बे को सलाम
विदित हो कि टेलरिंग सेक्शन द्वारा निर्मित पीपीई के तहत इमरजेंसी में 200 नग विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक निर्मित फूलबॉडी एप्रान का निर्माण किया गया। इसके अतिरिक्त 600 नग शू-कवर्स की भी आपूर्ति सुनिश्चित की गई। 1700 नग से अधिक चेहरे को ढकने वाले प्लास्टिक शील्ड का भी निर्माण किया। साथ ही रि-यूज़ होने वाले सिर को ढकने के लिए 700 नग कपड़े के हेड कैप/सर्जन कैप भी बनाए गए। इसी प्रकार 10000 से अधिक मास्क भी तैयार किए गए। इसी क्रम में ग्रीन क्लाथ से सम्पूर्ण शरीर को ढकने वाले 1400 नग सर्जन गाउन का भी निर्माण किया गया। इसके अतिरिक्त 1200 नग बॉडी बैग तैयार किये गये। साथ ही अस्पताल के विभिन्न स्थानों पर संक्रमण से बचाने हेतु लगने वाले 325 नग मोटे प्लास्टिक पर्दे का निर्माण भी किया गया। टेलरिंग सेक्शन का यह कार्य निरंतर जारी है। आज यह सेक्शन अस्पताल के चिकित्सकों व पैरा-मेडिकल स्टाफ को संक्रमण से बचाने में अहम भूमिका निभा रही है इनके जज्बे को सलाम।
आज इनके द्वारा निर्मित सुरक्षा सामग्री का प्रयोग चिकित्सकीय कार्मिकों के साथ-साथ एम्बुलेंस ड्राइवर, अटेंडेंट आदि द्वारा बखूबी किया जा रहा है। बीएसपी प्रबंधन ने टेलरिंग सेक्शन के इन कार्मिकों के समर्पण की तारीफ करते हुए इन्हें बधाई दी।

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