चीनी भारोत्तोलकों को पीछे छोड़ना चाहती हैं चानू

चीनी भारोत्तोलकों को पीछे छोड़ना चाहती हैं चानू

नई दिल्ली । भारतीय महिला भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने कहा है कि वह आगामी टोक्यों ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इस खेल में चीन के प्रभाव को समाप्त करने के इरादे से उतरेंगी। इस भारोत्तोलक ने कहा, ‘‘मैं ओलंपिक में रजत पदक नहीं जीतना चाहती, मैं स्वर्ण पदक ही जीतना चाहती हूं। मीराबाई भारोत्तोलन में दबदबा बनाये रखने वाले चीन से बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार हैं। इसके लिए वह इन खेलों में शीर्ष स्थान हासिल करना चाहती हैं। ओलंपिक से उत्तर कोरिया के हटने के बाद 49 किग्रा वर्ग में मीराबाई और चीन की भारोत्तोलकों के बीच सीधा मुकाबले होने की संभावनाएं हैं।
मीराबाई ने कहा कि मुझे चीन की भारोत्तोलकों से बेहतर प्रदर्शन करना होगा क्योंकि वे सोचती हैं कि कोई भी उनसे अधिक वजन नहीं उठा सकता पर मैं इस धारणा को गलत साबित कर दूंगी। टोक्यो खेलों की क्वालीफाइंग रैंकिंग में अभी चीन की दो भारोत्तोलक ही मीराबाई से आगे हैं पर नियमों के अनुसार इनमें से केवल एक ही ओलंपिक में हिस्सा ले सकती है। मीराबाई का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 205 किग्रा है जबकि चीन की होउ झीहुई ने एशियाई चैंपियनशिप में स्नैच में विश्व रिकॉर्ड सहित कुल 213 किग्रा वजन उठाया।
26 साल की मीराबाई को पता है कि चीन की खिलाड़ी को टक्कर देने के लिए उन्हें स्नैच में अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। झीहुई का 96 किग्रा महाद्वीपीय प्रतियोगिता में नया विश्व रिकॉर्ड है जबकि मीराबाई का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 88 किग्रा है। उन्होंने कहा, ‘‘चीन की खिलाड़ियों की बराबरी करने के लिए मुझे स्नैच में सुधार करना होगा।

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