विधायक ने कम होती संक्रमित की संख्या को बताया धोखा, ऊर्जामंत्री तोमर बोले- आपदा में भी राजनीति कर रहे प्रवीण

विधायक ने कम होती संक्रमित की संख्या को बताया धोखा, ऊर्जामंत्री तोमर बोले- आपदा में भी राजनीति कर रहे प्रवीण

मध्यप्रदेश : कांग्रेस विधायक ने ऊर्जा मंत्री को लिखा पत्र

कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक आपदा में भी राजनीति कर रहे हैं। मेरा उनसे कहना है, भाई इस महामारी में हम-तुम जिंदा रहे, तो फिर कर लेंगे राजनीति। अभी ऐसा माहौल न बनाओ, जिससे दहशत फैल जाए।

बुधवार शाम दैनिक भास्कर से बात करते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात कही। वह ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक के ट्वीट व उनको लिखे पत्र पर बात रख रहे थे। उनका कहना है, अभी जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वह सही हैं। यदि किसी को तकलीफ है या संदेह है तो सूची जारी होती है। एक-एक नंबर पर कॉल करके पूछे। साथ ही, उनका वापस टेस्ट करा लें।

यह वह पत्र जाे कांग्रेस विधायक ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह को लिखा, इसमें झूठ बोलने का आरोप लगाया गया है

आपको-हमको यहीं रहना है, सरकार तो आती-जाती रहेंगी

मंगलवार रात कोविड संक्रमित की लिस्ट जारी हुई थी। इसमें नए संक्रमित की संख्या सीधे 800 से संक्रमित 492 पर आ गई। इस पर ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने ट्वीट कर सरकार पर सवाल खड़े किए थे। साथ ही, कहा था कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले कुछ तो शर्म करो। इसके साथ ही विधायक पाठक ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को पत्र लिखकर यह भी कहा है कि सरकारें आती-जाती रहेंगी। अफसर बदल जाएंगे, पर आपको-हमको यहीं रहना है। आपसे बहुत सीखा, लेकिन अभी आपके सुस्त रवैया और निर्णय न ले पाने की असफलता से मन दुखी है।

प्रवीण पाठक के इस कटाक्ष पर ऊर्जामंत्री ने भी जवाब दिया है। उनका कहना है कि मेरे भाई राजनीति के लिए बहुत समय है। इस आपदा के समय तो कम से कम जनता को छोड़ दो। दिखावे के लिए कुछ मत कहो यह सस्ती राजनीति है।

यह समय पैरों में गिरने का नहीं उन्हें उखाड़ फेंकने का है

विधायक प्रवीण पाठक ने पत्र में लिखा है, जो लोग मौतों के लिए जिम्मेदार हैं। यह समय उनके पैरों में झुकने और पैर छूने का नहीं है। यह समय है उनके पैर जमीन से उखाड़ फेंकने का है। ऊर्जा मंत्री ने जवाब दिया कि दोस्त ऐसा माहौल न बनाओ कि शहर में लोग डर जाएं। यह समय एक-दूसरे के साथ मिलकर चलने का है। जो इस आपदा में पैर छूने लायक काम कर रहे हैं, उनके सामने झुकने में किस बात की शर्म।

शहर आपके झूठ से शर्मिंदा होता है

प्रवीण पाठक ने कहा कि यह शहर तब शर्मिंदा होता है, जब आप झूठ बोलते हो। आपने कहा- ऑक्सीजन पर्याप्त है, अगले दिन ऑक्सीजन की कमी से लोग मर जाते हैं। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जो बोला- सच बोला, यदि इसके बाद भी किसी को भ्रम है, तो वह आकर खुले माहौल में बात करें। अभी आपदा में राजनीति न करे।

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