कल्याण महाविद्यालय में “भौतिकी एवं इलेक्ट्रॉनिकी” विषय पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन

कल्याण महाविद्यालय में “भौतिकी एवं इलेक्ट्रॉनिकी” विषय पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन

भिलाई नगर। कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय, के “भौतिकी एवं इलेक्ट्रॉनिकी” विभाग द्वारा “ऊर्जा एवं पर्यावरण” विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबीनार 4 से 6 जून तक ” आयोजित किया गया। जिसमें ना केवल छत्तीसगढ़ व देश के विभिन्न महाविद्यालयों से बल्कि अन्य देशों के भी अतिथि सम्मिलित हुए और ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के बारे में ज्ञानवर्धक एवं ऊर्जावान व्याख्यान दिए।
वेबीनार के प्रथम दिन के आरंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर .के. साहू ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि, आज के समय में उर्जा एवं पर्यावरण का संतुलन आवश्यक है। प्रकृति का एक सीमा तक दोहन करना चाहिए। यह वेबीनार विद्यार्थियों में ऊर्जा निर्माण और उसके सही इस्तेमाल तथा पर्यावरण सुरक्षा के लिए ज्ञान तथा सूचनाएं देगा। प्रथम दिन मुख्य अतिथि डॉ अरुणा पलटा ( कुलपति, हेमचंद यादव, विश्वविद्यालय, दुर्ग ) व प्रमुख वक्ता के रूप में डॉ नमिता ब्रह्महे (प्रोफ़ेसर, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय, रायपुर), डॉ अरविंद कुमार ( प्रोफेसर, IGNTU, अमरकंटक ) प्रोफेसर रविंद्र रैना, (प्रोफ़ेसर नार्थ वेस्ट माहीकेंग यूनिवर्सिटी, साउथ अफ्रीका) शामिल हुए।

द्वितीय दिवस के व्याख्यान में विद्यार्थियों को इस ओर इंगित किया गया कि उन्हें कौन कौन से ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे वह स्वस्थ एवं खुशहाल प्रकृति बनाने में अपना योगदान दे सकें। इसमें विशिष्ट अतिथि डॉ अजय श्रीवास्तव (चेयरमैन, REDA, बिलासपुर) और वक्ता के रूप में डॉक्टर अंजली अवधिया (HOD, शासकीय नागार्जुन महाविद्यालय, रायपुर ) शामिल हुए।

तृतीय एवं अंतिम दिन सबसे महत्वपूर्ण रहा जिसमें युवा पीढ़ी को यह संदेश दिया गया कि प्रकृति ने हमें इतना सब कुछ दिया है। हमारी आवश्यकताओं को पूरा किया है। लेकिन हमने प्रकृति को क्या दिया?
इस बात को ध्यान में रखकर प्रकृति संरक्षण के कार्य करने चाहिए। इस दिन मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफ़ेसर मो.मुजम्मिल (पूर्व कुलपति, एमजेपी रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली) एवं वक्ता के रूप में डॉ. जगजीत कौर सलूजा ( V.Y.T.कॉलेज, दुर्ग ) ने मुख्य भूमिका निभाई।

संपूर्ण वेबीनार के सफलतापूर्वक आयोजन में प्राचार्य डॉ. आर.के. साहू, उप प्राचार्य व विभागाध्यक्ष भौतिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक विभाग प्रोफ़ेसर यदुनंदन पटेल तथा समिति में डॉ.नीलम शुक्ला, डॉ.शिप्रा सिन्हा, श्रीमती सौम्या खरे, डॉ. गुणवंत चंद्रोल, पंकज जैन, श्रीमती प्रणाली, श्रीमती आरती मिश्रा, अनुभा वर्मा, श्रीमती नेहा विष्णु, प्रशांत पॉल का मुख्य योगदान रहा। तकनीकी समिति में मनीष कुमार, ओंकारनाथ नाथ वर्मा, प्रवीण देवांगन, सुधीर वर्मा एवं कुमारी तनुजा साहू के साथ ही सभी शिक्षकों विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों का सहयोग रहा।

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