नई दिल्ली: वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री की जमकर आलोचना हो रही है. रवि शास्त्री के कोच रहते भारत लगातार पांचवीं बार ICC टूर्नामेंट जीतने से चूक गया. शास्त्री का कार्यकाल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के बाद खत्म हो रहा है. अगर बतौर कोच रवि शास्त्री का प्रदर्शन नहीं सुधरा तो टीम इंडिया को नया कोच मिलना तय है. ऐसे में रवि शास्त्री की जगह टीम इंडिया के कोच बनने के 4 बड़े दावेदार हैं.
राहुल द्रविड़
रवि शास्त्री का विकल्प तैयार करना BCCI ने अभी से ही शुरू कर दिया. BCCI ने राहुल द्रविड़ को श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंडिया का कोच बनाया है. राहुल द्रविड़ की कोचिंग में भारत की अंडर-19 टीम ने 2018 में वर्ल्ड कप जीता था. रवि शास्त्री इस साल नवंबर में अगर भारत को टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जिता पाए तो राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया का कोच बनाया जा सकता है.
माइक हेसन
न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन वर्ल्ड क्रिकेट में बहुत कामयाब कोच रहे हैं. माइक हेसन की कोचिंग में न्यूजीलैंड की टीम ने 2015 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई थी. माइक हेसन 2012 से 2018 तक न्यूजीलैंड के कोच रहे थे. मौजूदा समय में माइक हेसन IPL में विराट कोहली की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट ऑपरेशंस हैं.
टॉम मूडी
टॉम मूडी मौजूदा समय में IPL में सनराइजर्स हैदराबाद टीम के डायरेक्टर ऑफ ऑपरेशंस हैं. टॉम मूडी ने साल 2017 में टीम इंडिया के कोच पद के लिए इंटरव्यू दिया था. टॉम मूडी ने कोच के सेलेक्शन प्रोसेस में रवि शास्त्री को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन विराट कोहली की पसंद का ख्याल रखते हुए शास्त्री को कोच बनाया गया. टॉम मूडी टीम इंडिया का कोच बनने के लिए बड़े दावेदार हैं.
वीरेंद्र सहवाग
अपनी निडर बल्लेबाजी की तरह ही बेखौफ अंदाज के लिए मशहूर टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग भी कोच बनने के दावेदार हैं. सहवाग पहले भी टीम इंडिया का कोच बनने के लिए आवेदन कर चुके हैं. हालांकि वीरेंद्र सहवाग के पास कोचिंग का अनुभव नहीं है, लेकिन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली से उनके रिश्ते अच्छे रहे हैं. ऐसे में उन्हें मौका मिल सकता है.
क्यों शास्त्री को फिर नहीं बनना चाहिए कोच?
नई दिल्ली: वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री की जमकर आलोचना हो रही है. रवि शास्त्री के कोच रहते भारत लगातार पांचवीं बार ICC टूर्नामेंट जीतने से चूक गया. शास्त्री का कार्यकाल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के बाद खत्म हो रहा है. अगर बतौर कोच रवि शास्त्री का प्रदर्शन नहीं सुधरा तो टीम इंडिया को नया कोच मिलना तय है. ऐसे में रवि शास्त्री की जगह टीम इंडिया के कोच बनने के 4 बड़े दावेदार हैं.
राहुल द्रविड़
रवि शास्त्री का विकल्प तैयार करना BCCI ने अभी से ही शुरू कर दिया. BCCI ने राहुल द्रविड़ को श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंडिया का कोच बनाया है. राहुल द्रविड़ की कोचिंग में भारत की अंडर-19 टीम ने 2018 में वर्ल्ड कप जीता था. रवि शास्त्री इस साल नवंबर में अगर भारत को टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जिता पाए तो राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया का कोच बनाया जा सकता है.
माइक हेसन
न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन वर्ल्ड क्रिकेट में बहुत कामयाब कोच रहे हैं. माइक हेसन की कोचिंग में न्यूजीलैंड की टीम ने 2015 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई थी. माइक हेसन 2012 से 2018 तक न्यूजीलैंड के कोच रहे थे. मौजूदा समय में माइक हेसन IPL में विराट कोहली की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट ऑपरेशंस हैं.
टॉम मूडी
टॉम मूडी मौजूदा समय में IPL में सनराइजर्स हैदराबाद टीम के डायरेक्टर ऑफ ऑपरेशंस हैं. टॉम मूडी ने साल 2017 में टीम इंडिया के कोच पद के लिए इंटरव्यू दिया था. टॉम मूडी ने कोच के सेलेक्शन प्रोसेस में रवि शास्त्री को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन विराट कोहली की पसंद का ख्याल रखते हुए शास्त्री को कोच बनाया गया. टॉम मूडी टीम इंडिया का कोच बनने के लिए बड़े दावेदार हैं.
वीरेंद्र सहवाग
अपनी निडर बल्लेबाजी की तरह ही बेखौफ अंदाज के लिए मशहूर टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग भी कोच बनने के दावेदार हैं. सहवाग पहले भी टीम इंडिया का कोच बनने के लिए आवेदन कर चुके हैं. हालांकि वीरेंद्र सहवाग के पास कोचिंग का अनुभव नहीं है, लेकिन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली से उनके रिश्ते अच्छे रहे हैं. ऐसे में उन्हें मौका मिल सकता है.
क्यों शास्त्री को फिर नहीं बनना चाहिए कोच?
रवि शास्त्री के कोच रहते भारत 2015 वर्ल्ड कप, 2016 टी-20 वर्ल्ड कप, 2017 चैंपियंस ट्रॉफी, 2019 वर्ल्ड कप और 2021 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब नहीं जीत पाया है, जिसके बाद रवि शास्त्री के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है. बता दें कि रवि शास्त्री के हेड कोच रहते टीम इंडिया कभी भी कोई आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत सकी.
कुंबले की जगह शास्त्री को बनाया गया था कोच
रवि शास्त्री की बात करें तो उन्हें अनिल कुंबले के इस्तीफे के बाद 2017 में मुख्य कोच नियुक्त किया गया था. रवि शास्त्री अगस्त 2014 से जून 2016 तक भारतीय टीम का निदेशक भी रहे थे. रवि शास्त्री के हेड कोच रहते टीम इंडिया कभी भी कोई आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत सकी.
शास्त्री की कोचिंग में भारत ने हारे जीते हुए टूर्नामेंट
रवि शास्त्री के कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया को 2015 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. इसके अलावा भारत के पास अपने ही देश में 2016 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने का अच्छा मौका था, लेकिन सेमीफाइनल में टीम इंडिया वेस्टइंडीज से हार गई. रवि शास्त्री के कार्यकाल के दौरान भारत को 2017 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान ने हराया. फिर 2019 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने हराकर सपना तोड़ दिया. इसके बाद अब 2021 आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भी भारत खिताब जीतने से चूक गया.
जल्द टूट सकती है शास्त्री-कोहली की जोड़ी
रवि शास्त्री का कार्यकाल टी-20 वर्ल्ड कप-2021 तक है. ऐसे में उनके लिए इस बार सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा होगी. अगर शास्त्री अपनी कोचिंग में भारत को टी-20 वर्ल्ड कप-2021 का खिताब दिलाने में नाकाम रहे तो BCCI उनका कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने के लिए शायद ही सोचे.