नई दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को कहा कि इन्फोसिस ने नए आयकर पोर्टल में तकनीकी समस्याओं को स्वीकार किया है तथा पोर्टल के धीमे काम करने एवं कुछ आवश्यक गतिविधियों के उपलब्ध नहीं होने जैसी कुछ शुरुआती गड़बड़ियों को दूर कर दिया गया है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्य को यह जानकारी दी। उन्होने कहा कि आयकर विभाग के नये पोर्टल की शुरुआत सात जून हुई और पहले ही दिन करदाताओं, कर पेशेवरों और अन्य अंशधारकों ने इसके कामकाज में गड़बड़ियों की सूचना दी थी।
उन्होंने कहा कि इसके कारण वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने समीक्षा करने के लिए पोर्टल विकसित करने वाली कंपनी, इन्फोसिस के अधिकारियों के साथ 22 जून को बैठक बुलाई। चौधरी ने कहा कि भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई), कर पेशेवर और करदाता सहित विभिन्न हितधारकों की ओर से पोर्टल में 90 दिक्कतों / समस्याओं सहित 2,000 से अधिक मुद्दों का विवरण देने वाले 700 से अधिक ई-मेल प्राप्त हुए थे। उन्होंने कहा, इन्फोसिस ने पोर्टल के कामकाज में तकनीकी समस्याओं को स्वीकार किया है और सूचित किया है कि तकनीकी समस्याओं को लगातार हल किया जा रहा है।
सुधारात्मक उपाय पर तेजी से हो रहा काम
मंत्री ने कहा कि पोर्टल की सुस्ती, कुछ जरूरी चीजों की अनुपलब्धता या तकनीकी मुद्दों के संबंध में करदाताओं को होने वाली दिक्कतों को दूर किया गया है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग हितधारकों की प्रतिक्रिया के आधार पर इंफोसिस के माध्यम से सुधारात्मक उपाय कर रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में, इंफोसिस के साथ उन्नत आयकर दाखिल करने की प्रणाली को विकसित करने के लिए एक अनुबंध दिया गया था ताकि रिटर्न के लिए समीक्षा के समय को 63 दिनों से कम करके एक दिन कर दिया जा सके और रिफंड में तेजी लाई जा सके।
Stay organized by using all your homework in 1 place sfweekly.com and you’ll have less anxiety in regards to deadlines.