बीएसपी में टीएमटी बार के बंडलों की “यूनिक स्टड वेल्डिंग टैगिंग” का प्रयोग प्रारंभ

बीएसपी में टीएमटी बार के बंडलों की “यूनिक स्टड वेल्डिंग टैगिंग” का प्रयोग प्रारंभ

उत्पाद के त्वरित पहचान व ट्रेसेबिलिटी में मिलेगी मदद.

भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने ग्राहक संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए अपने क्रियाकलापों में सदैव ही नई तकनीकों का समावेष किया है, जिससे सम्मानित ग्राहकों को बेहतर व गुणात्मक सेवा प्राप्त हो सके। इसी उद्देष्य से भिलाई इस्पात संयंत्र ने मर्चेंट मिल में उत्पादित टीएमटी बार के त्वरित पहचान व ट्रेसेबिलिटी को सुनिष्चित करने के लिए टीएमटी बार के बंडलों की “यूनिक स्टड वेल्डिंग टैगिंग” का प्रयोग किया जा रहा है।

टैंगिंग क्या है
विदित हो कि औद्योगिक उत्पाद के पहचान में टैगिंग/एम्बोसिंग की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। साथ ही यह उत्पाद की ट्रेसेबिलिटी से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने में अहम रोल अदा करता है। सही टैगिंग के न होने से या फिर टैंगिंग के टूट जाने से किसी भी औद्योगिक उत्पाद की पहचान करना तथा उसे खोजना एक दुष्कर कार्य हो जाता है। सही टैंगिंग के अभाव में अक्सर ग्राहकों द्वारा किसी भी छोटी/बड़ी परियोजनाओं में उपयोग के लिए उत्पाद को रिजेक्ट कर दिया जाता है। अतः उत्पाद पर उत्कृष्ट टैंगिंग समय की मांग बन चुकी है।

पहचान व ट्रेसेबिलिटी हुई आसान
बाजार और हमारे सम्मानित ग्राहकों के मिजाज को भांपते हुए, अब सेल की सभी इकाइयों द्वारा अद्वितीय ट्रैसेबिलिटी तकनीकों को अपनाया गया है। इस क्रम में भिलाई स्टील प्लांट ने बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से “स्टड वेल्डेड वियर रेजिस्टेंस प्रिंटेड टैग्स” के माध्यम से टीएमटी बार को टैग करने की अत्याधुनिक स्टड वेल्डिंग पद्धति को अपनाया है। इस संबंध में, भिलाई इस्पात संयंत्र की मर्चेंट मिल ने ग्राहकों को भेजने से पहले जून, 2021 से अपने तैयार टीएमटी बंडलों को स्टड वेल्डिंग विधि से टैग करना शुरू कर दिया है। इस अभिनव टैगिंग से ग्राहकों के बीच टीएमटी बार की ब्रांड इमेज बढ़ने के साथ ही बाजार में हिस्सेदारी में वृद्धि होगी।

पुराने टैगिंग सिस्टम की मुश्किलें
पुराने टैगिंग सिस्टम में टैग के स्ट्रैप टूटने, टैग के गिरने तथा मौसम की मार से खराब होने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती थी जिसके कारण उत्पाद के पहचानने व खोजने में कठिनाई होने के साथ-साथ उत्पाद के रिजेक्ट होने की संभावना भी बढ़ जाती थी। अतः ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के लिए टैंगिंग की नई पद्धति “यूनिक स्टड वेल्डिंग टैगिंग” का प्रयोग किया गया। मेसर्स प्लास्टो केम, कलकत्ता द्वारा प्रदत्त इस नवीनतम विधि का ट्रायल सफल रहा। अब इस पद्धति का नियमित उपयोग किया जाएगा।

स्टड वेल्डिंग विधि के फायदे
उल्लेखनीय है कि स्टड वेल्डिंग विधि के साथ टैगिंग सिस्टम के कई लाभ हैं जैसे टैग अब उचित बार कोड और हीट प्रूफ (200 डिग्री तक) से लैस हैं, इसे साइट पर बार कोड प्रिंटर के साथ मल्टी-कलर पूर्व-मुद्रित विकल्प के साथ प्रिंट किया जा सकता है। ये टैग मौसमरोधी और टूट-फूट रोधी होने के कारण इनकी विष्वसनीयता अधिक होती हैं। टैग स्टड वेल्डेड होते हैं और इसलिए इनके टूटने व गिरने की कम संभावना होती है। इसमें बंडलों के आगे/पीछे स्थान पर लगे होने के कारण इसे स्पष्ट रूप से देखा व पढ़ा जा सकता है इसलिए स्टॉकयार्ड हैंडलिंग के लिए यह टैंगिंग बेहद उपयोगी साबित हुए हैं।

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