जेपी प्रतिमा हटाने की सूचना से संस्थापक आरपी शर्मा को पक्षाघात, रेलवे-बीएसपी पर लगाए गंभीर आरोप

रेलवे ने व्हाट्सएप पर सूचना देकर बैठक में बुलाया, शर्मा ने बीएसपी की सहमति की जानकारी मांगी.

भिलाई। भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण स्मारक प्रतिष्ठान के बैनर तले 32 वर्ष पूर्व स्थापित भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा को प्रस्तावित अंडरब्रिज की वजह से हटाए जाने की तैयारियों की सूचना से संस्थापक आरपी शर्मा इस तनाव के चलते पक्षाघात (लकवा) के शिकार हो गए हैं। उन्होंने जेपी की प्रतिमा को किसी भी सूरत में हटाए जाने की हर कोशिश का पुरजोर विरोध किया है।
शर्मा ने कहा है कि उनके प्रतिकूल स्वास्थ्य के लिए भारतीय रेलवे और भिलाई स्टील प्लांट मैनेजमेंट का तानाशाही से भरा कदम जिम्मेदार है। उन्होंने जानना चाहा है कि आखिर उन्हें बिना सूचना दिए आखिर प्रतिमा को स्थानांतरित करने संबंधी प्रस्ताव कैसै तैयार कर लिया गया।
उल्लेखनीय है कि सुपेला रेलवे समपार (क्रासिंग) पर अंडरब्रिज प्रस्तावित है। इस हेतु प्रशासनिक गतिविधियां जोरों पर चल रही है। इस पूरी प्रक्रिया में यहां स्थापित भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा के संस्थापक आरपी शर्मा को शामिल नहीं किया गया। बल्कि उन्हें महज भिलाई नगर पुलिस थाना की ओर से मौखिक जानकारी दी गई।
इसके बाद आरपी शर्मा ने विरोध जताते हुए प्रधानमंत्री, भारतीय रेलवे, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल-मुख्यमंत्री और दुर्ग जिला कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक को विस्तार से पत्र लिख कर बताया।
अपने पत्र में आरपी शर्मा ने 9 जून 1991 को तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के हाथों प्रतिमा के अनावरण से लेकर भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा उन्हें जेपी प्रतिष्ठान के माध्यम से जमीन व प्रतिमा स्थल विधिवत आवंटित किए जाने की जानकारी देते हुए दलील है कि जिस तरह चंद्रा-मौर्या व नेहरू नगर अंडर ब्रिज की दिशा कुछ प्रभावशाली व्यवसायियों के कहने पर बदली गई है, ठीक वैसा ही कदम यहां जेपी चौक के लिए उठाया जाए। क्योंकि भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत के सर्वाधिक आदरयोग्य व्यक्तित्व में से एक हैं।
उल्लेखनीय है कि जेपी प्रतिमा के संबंध में जारी तनाव के चलते आरपी शर्मा गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं। उन्हें 25 अगस्त की सुबह रक्तचाप अत्याधिक बढ़ जाने और पक्षाघात (लकवा) का दौरा पड़ने के बाद स्पर्श मल्टीस्पेशियालिटी अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में दाखिल करवाया गया।
इसी दौरान 27 अगस्त को आरपी शर्मा को उपमुख्य अभियंता-1 (निर्माण) दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे खारून रेल विहार रायपुर सें पत्र व्हाट्सएप के माध्यम से मिला है। जिसमें सूचना दी गई है कि जेपी प्रतिमा को स्थानांतरित करने के संबंध में भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने अपनी सहमति दे दी है और 31 अगस्त को इस संबंध में आयोजित बैठक की सूचना दी गई है। इसके अलावा आरपी शर्मा को फोन के माध्यम से इस बैठक में उपस्थित होने रेलवे के अधिकारियों ने कहा है।
आरपी शर्मा की अस्पताल से छुट्टी हो चुकी है और फिलहाल वह घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उन्होंने तमाम हालात पर एक पत्र रेलवे के अधिकारियों को लिखा है। जिसमें उन्होंने अपनी अस्वस्थता के लिए रेलवे के मनमानीपूर्ण निर्णय को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं पक्षाघात पीड़ित होकर अस्पताल में भर्ती होने की वजह से उन्होंने 31 अगस्त की बैठक में उपस्थित होने पर असमर्थता जताई है।
उन्होंने रेलवे से मांग की है कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा प्रतिमा स्थानांतरित करने संबंधी सहमति पत्र की प्रतिलिपि उन्हें प्रेषित की जाए। उन्होंने बीएसपी प्रबंधन को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि आखिर उन्हें सूचना दिए बिना भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा को स्थानांतरित करने के संबंध में मैनेजमेंट ने अपनी सहमति कैसे दे दी? उन्होंने अपने प्रतिकूल स्वास्थ्य के लिए बीएसपी मैनेजमेंट को भी जिम्मेदार ठहराया है।
आरपी शर्मा ने फिर एक बार कहा है कि जेपी प्रतिमा का स्थानांतरण उन्हें मंजूर नहीं है। रेलवे प्रशासन को नए सिरे से अपना प्रस्ताव बनाना होगा।

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