सांसद विजय बघेल भी आए ग्रामीणों के पक्ष में, कहा-आम ग्रामीणों को परेशानी में डाल कर कोई भी भूमि किसी को नहीं दिया जाना चाहिए.
दुर्ग। दुर्ग जिले के ग्राम कचांदुर में चारागाह तथा धरसा की जमीन को कब्रिस्तान को दिए जाने के प्रस्ताव का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव के हजारों की संख्या में ग्रामीण, शासन के इस प्रस्ताव के विरोध में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं तथा नाराजगी जता रहे हैं। सांसद विजय बघेल भी अब इन ग्रामीणों के साथ आ गए हैं और उनके मुद्दे पर शासन के विभिन्न अधिकारियों से बातचीत की है। उन्होंने कहा है कि आम ग्रामीणों को परेशानी में डाल कर कोई भी भूमि किसी को नहीं दिया जाना चाहिए। पहले ग्रामीणों के हित को प्राथमिकता पूर्वक देखा जाना चाहिए |
इस गांव तथा आसपास के हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने सांसद विजय बघेल से आज मुलाकात की है। इन ग्रामीणों ने शासन के प्रस्ताव के विरोध में भारी नाराजगी जताई है तथा शासन प्रशासन के प्रति आक्रोश व्यक्त किया है। नाराज ग्रामीणों ने सांसद विजय बघेल को बताया है कि शासन के द्वारा दुर्ग जिले के ग्राम कचांदुर में पटवारी हल्का नंबर 17 स्थित भूमि खसरा नंबर 767 रकबा 2.440 हेक्टेयर भूमि को एक समुदाय विशेष को कब्रिस्तान के लिए देने का प्रस्ताव किया गया है। अतिरिक्त तहसीलदार भिलाई के कार्यालय से यह प्रस्ताव आने के बाद ग्राम पंचायत कचांदुर ने शासन के इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति की है। ग्राम कचांदुर की ग्राम सभा में एक विशेष समुदाय को जमीन देने के खिलाफ सर्वसम्मति से स्पष्ट आपत्ति पारित की गई है। ग्राम सभा के द्वारा पारित इस आपत्ती को कलेक्टर दुर्ग तथा अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग को तत्काल भेज दिया गया है।
ग्रामीणों के द्वारा बताया गया है कि ग्राम कचांदुर में उस जमीन का चारागाह के लिए उपयोग किया जाना है। यह धरसा की जमीन है जहां से आम लोगों का आना जाना होता है। इस स्थल पर आम रास्ता भी प्रस्तावित है। जमीन किसी दूसरे को इस्तेमाल करने के लिए देने से आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जिसके चलते ग्राम पंचायत के द्वारा उसके विरोध में सर्वसम्मति से आपत्ति पारित किया गया है। ग्रामीणों की बातें सुनने के बाद सांसद विजय बघेल ने इस मामले में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की है तथा वस्तु स्थिति की जानकारी ली है।