पटना । बिहार विधानसभा भवन के सौ वर्ष पूरा होने के अवसर पर शताब्दी समारोह का आयोजन होना है। आयोजन की तारीख नजदीक है, इसलिए तैयारियां जोरों पर है। समारोह के शुभारंभ वाले दिन आयोजित कार्यक्रम में देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शामिल होंगे। जबकि समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने की चर्चाएं हैं। इसी क्रम में बीते शनिवार को बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा और बीजेपी के महामंत्री भीखू भाई दलसनिया के साथ शताब्दी समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जानकारी दी थी। लेकिन अब उनके पोस्ट पर बवाल मच गया है। आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने संजय जायसवाल द्वारा शताब्दी समारोह का जायजा लिए जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा है। साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष से ये पूछा है कि उन्होंने किस अधिकार से तैयारियों का जायजा लिया है। बता दें कि सोमवार को पहले आरजेडी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर ये मुद्दा उठाया। पार्टी ने ट्वीट कर लिखा नीतीश कुमार आरएसएस के सामने नाक रगड़ कर रेंग रहे हैं। किसी ऐरे-गैरे संघी और भाजपाई की क्या हैसियत कि वो बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह की तैयारियों का जायजा लेंगे और निरीक्षण करेंगे। नीतीश बताएं कि संजय जायसवाल और भीखू भाई दलसनिया किस हैसियत से तैयारियों की देख-रेख कर रहे हैं?” पार्टी की इस ट्वीट को कोट करते हुए लालू यादव ने लिखा, अति गंभीर और विचारणीय। बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री किस क्षमता से बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह की तैयारियों का जायजा ले रहे है? ये दोनों तो इस सदन के सदस्य भी नहीं हैं। यह कोई संघ और बीजेपी का भवन है क्या? नीतीश कुमार, क्या यह भवन भी संघ को गिरवी रखेंगे मालूम हो कि बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल विधानसभा नहीं बल्कि लोकसभा के सदस्य हैं। ऐसे में आरजेडी ने उनके दौरे पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। अब इस मामले में बीजेपी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, ये देखना दिलचस्प होगा।