छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग एक स्थायी निर्देशों के तहत सुरक्षा निधि लेने का प्रावधान है। हर वर्ष बीते 12 महीने के उपयोग किए गए बिजली की औसत खपत की गणना कर अक्टूबर में अतिरिक्त सुरक्षा निधि के अंतर की राशि ली जाती है। इसकी गणना प्रचलित टैरिफ के आधार पर नियमानुसार पहले से जमा सुरक्षा निधि को घटाकर की जाती है। जितनी राशि का अंतर होता है, उतनी अतिरिक्त सुरक्षा निधि की देयता बनती है। उल्लेखनीय है कि सुरक्षा निधि राशि उपभोक्ता की स्वतः की विभाग के पास रखी राशि होने के कारण विभाग ब्याज भी देता है, जो वर्तमान में 4.25 प्रतिशत पर देय है।