राजनांदगांव। अपनी सुरक्षा लौटा चुकी जिले की खुज्जी विधायक छन्नी साहू 140 किमी का सफर तय करते हुए राजधानी के लिए अपनी ही मोपेड से रवाना हुईं। प्रदेश में पहली बार किसी विधायक ने अपनी ही सरकार में सुरक्षा को त्याग कर इस तरह का तेवर अख्तियार किया है। फरवरी माह की शुरुआत से ही विधायक अपने इलाके में बगैर सुरक्षा के ही मोपेड से ही जनसंपर्क कर रहीं हैं। गौरतलब है कि खुज्जी विधानसभा क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा नक्सल प्रभावित है। उन्होंने इस खतरे को भी नजर अंदाज करते हुए अपनी जनता के बीच बगैर सुरक्षा के रहने को प्राथमिकता दी है।
सात मार्च से शुरु हो रहे बजट सत्र में शामिल होने विधायक छन्नी साहू मोपेड से ही रायपुर के लिए रवाना हुईं। इस दौरान राजनांदगांव में उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि, मैं अपनी सुरक्षा पुलिस प्रशासन को लौटा चुकी हूं। इसलिए अब अपने पास उपलब्ध संसाधानों के साथ ही मैं रायपुर रवाना हो रहीं हूं। उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा किसी तरह की पहल किए जाने पर उन्होंने साफ किया कि, मुझे इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई है।
गौरतलब है कि बीते 5 फरवरी को खुज्जी विधायक छन्नी साहू ने अपनी सुरक्षा पुलिस प्रशासन को लौटा दी थी। दरअसल, दिसंबर 2021 में उनके पति चंदू साहू के खिलाफ पुलिस ने एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। जिसे लेकर पुलिस ने विधायक से सहयोग करने की बात कही थी। इस मसले पर विधायक ने सुरक्षा तो लौटा ही दी, साथ ही उनके पति ने भी खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था।
इसलिए लौटाई थी सुरक्षा
इस मामले में विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा था कि, पुलिस ने बगैर जांच पड़ताल उनके पति पर मामला दर्ज किया। उन्होंने आरोप लगाया था कि जिन रेत तस्करों के खिलाफ वो बीते कई महिनों से लिखित शिकायत कर रहीं हैं, उन्होंने ही उनके छवि खराब करने और उन्हें परेशान करने षड़यंत्र रचा। षड़यंत्रकारियों के इशारे पर ही उनके पति के खिलाफ कार्रवाई की बात विधायक ने कही थी। गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद चंदू साहू को जमानत मिल गई थी। सुरक्षा लौटाने के बाद से ही विधायक छन्नी साहू अपने इलाके में मोपेड पर ही जनसंपर्क जारी रखे हुए हैं।