आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत पहुंचे अहमदाबाद

आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत पहुंचे अहमदाबाद

अहमदाबाद | राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की आज से अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का आज से अहमदाबाद में प्रारंभ हो गया| अहमदाबाद के पिराणा स्थित निष्कलंकी नारायण तीर्थधाम में आयोजित संघ की बैठक में शामिल होने सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत अहमदाबाद पहुंच गए हैं| बैठक का शुभारम्भ सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत और मा. सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले जी ने भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन करके किया। आज से प्रारंभ हुई बैठक 13 मार्च को सम्पन्न होगी। बैठक में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सर कार्यवाहक दत्तात्रेय होसबोले के अलावा संघ और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की करेंगे| बैठक में भारत में ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे और लघु उद्योगों को गति देने के साथ ही 1 लाख से ज्यादा स्थलों पर संघ के कार्य का विस्तार करने पर भी चर्चा की जाएगी| आगामी 2025 को संघ के 100 पूर्ण हो जाएंगे, ऐसे में संघ का दायरा किस प्रकार बढ़ाया जाए इस खास ध्यान केन्द्रित किया जाएगा| बैठक में आत्मनिर्भर भारत योजना को किसी प्रकार गति दी देने और ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योगों को किस प्रकार आत्मनिर्भर बनाने जैसे मुद्दों पर भी विचार विमर्श किया जाएगा| देश की मौजूदा परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए कश्मीर समेत अन्य मुद्दों के निराकरण भी चर्चा की जाएगी| संघ के मुताबिक हर साल आरएसएस की प्रतिनिधि सभा का आयोजन किया जाता है, परंतु पिछले दो वर्ष कोरोना संकट के चलते ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई| अब बेहतर परिस्थितियों को देखते हुए ऑफलाइन बैठक का आयोजन अहमदाबाद के पिराणा में किया गया है| संघ में अलग अलग प्रकार की बैठकें होती हैं| उनमें सबसे बड़ी एवं निर्णय की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण बैठक प्रतिनिधि सभा रहती हैं| पूर्व में प्रतिनिधि सभा नागपुर में ही होती थी नागपुर से बाहर पहलीबार प्रतिनिधि सभा 1988 में गुजरात के राजकोट में ही हुई थी| इस बार प्रतिनिधि सभा में 1248 प्रतिनिधि अपेक्षित परम सरसंघचालकजी के मार्गदर्शन में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले इस बैठक का संचालन करेंगे इस बैठक में चयनित प्रतिनिधि, प्रान्त संघचालक, प्रान्त कार्यवाह एवं विविध संगठनो के प्रतिनिधि अपेक्षित रहते हैं| इस बार 36 संगठनों के संगठन मंत्री एवं प्रतिनिधि अपेक्षित हैं| स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के अवसर पर विभिन्न प्रांतों द्वारा जो आयोजन किया गया हैं उसकी भी चर्चा इस बैठक में होगी| स्वाधीनता के अनेक ऐसे वीर जिनके बारे में विशेष जानकारी नहीं हैं वह जानकारी समाज को देने का प्रयास किया जायेगा| इसके आलावा ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार द्वारा स्वनिर्भरता कैसे पा सकते हैं इस बारे में भी कई उपक्रम संघ ने प्रारम्भ किये हैं|

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