झामुमो से तनातनी के बीच झारखंड के कांग्रेस नेताओं की दिल्ली में अहम बैठक जारी

झामुमो से तनातनी के बीच झारखंड के कांग्रेस नेताओं की दिल्ली में अहम बैठक जारी

नई दिल्ली | झारखंड में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन सरकार के बीच मतभेद उभरकर सामने आते जा रहे हैं। इस मतभेद को लेकर झारखंड के मंत्री, विधायकों की कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ पार्टी वॉररूम में अहम बैठक जारी है। दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज स्थित कांग्रेस वॉररूम में जारी इस बैठक की अध्यक्षता प्रभारी अविनाश पांडे कर रहे हैं। बैठक में राज्य में जेएमएम और कांग्रेस के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चा हो रही है।

दरअसल झारखंड सरकार के गठबंधन में शामिल दलों के बीच मतभेद के बाद प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है। इस बीच पार्टी हाईकमान मसले को जल्द से जल्द सुलझाने में जुटी है।

झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर के अनुसार, इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष समेत तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। झारखंड सरकार में चार कांग्रेस मंत्री, सभी पूर्व प्रदेश अध्यक्षों और कुछ विंग के अध्यक्ष शामिल होंगे।

बैठक के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ जारी तनाव को लेकर विस्तार से चर्चा हो सकती है। कांग्रेस नेता झामुमो के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर पार्टी को नजरअंदाज करन का आरोप लगा रहे हैं। झारखंड की गठबंधन सरकार में अपने वरिष्ठ सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा उपेक्षित महसूस करते हुए कांग्रेस के एक नेता ने सोमवार को कहा कि किसी को भी इस गफलत में नहीं रहना चाहिए कि वे उनके बिना सरकार चला सकते हैं। वहीं कांग्रेस के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडे के अनुसार गठबंधन की सरकार को सहयोग से ही चलाया जा सकता है।

झारखंड कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे के अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने का रोडमैप तय करने के लिए यह बैठक बुलाई गई है।

उल्लेखनीय है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राजद के सत्तारूढ़ गठबंधन के 81 सदस्यीय विधानसभा में झामुमो के 30, कांग्रेस के 18 और राजद के 1 विधायक हैं। हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में कांग्रेस के चार मंत्री शामिल हैं।

 

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