कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना और आरक्षण की 50 फीसदी लिमिट को खत्म करने की मांग उठाकर सियासी माहौल गर्म कर दिया है. हालांकि, कांग्रेस जब सत्ता में थी तो इसका विरोध करती रही है. ऐसे ही बीजेपी का भी रुख रहा है. जनगणना के 150 साल के इतिहास में जानें क्या-क्या हुआ.
राहुल गांधी और पीएम मोदी (फाइल फोटो)राहुल गांधी और पीएम मोदी (फाइल फोटो)
देश की सियासत में एक बार फिर से जातिगत जनगणना का मुद्दा गर्मा गया है. कांग्रेस 2024 लोकसभा चुनाव से पहले जातिगत जनगणना के मुद्दे पर सियासी तानाबाना बुनकर मोदी सरकार और बीजेपी को घेर रही है. कांग्रेस आज भले ही इस मुद्दे को लेकर आक्रमक है, लेकिन यूपीए-2 से पहले तक सत्ता में रहते हुए विरोध करती रही है. इसी तरह बीजेपी सत्ता में रहते हुए आज जातीय जनगणना के लिए रजामंद नहीं है, लेकिन विपक्ष में रहते हुए इसके पक्षधर रही है. अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच जाति आधरित जनगणना के मुद्दे पर तलवारें खिंच गई हैं.