शहबाज़ आलम (संभागीय ब्यूरो सरगुजा)
अंधेर नगरी चौपट राजा….जिले के स्वास्थ्य विभाग मे बह रही भ्रष्टाचार की बयार

बैकुंठपुर । कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की बयार बह रही है, परंतु कई शिकायतो के बाद जिला कलेक्टर जांच करवाने के लिए तैयार नही है। अब अधिकारियों की भ्रष्टाचार की करतूतें बाहर किसी को पता न चले इसके लिए सभी कर्मचारियों से तमाम धाराओं का डर दिखाते हुए हस्ताक्षर करवाए गए है।
आम जनता की गाड़ी कमाई से दिए टैक्स से सरकार तमाम विकास कार्य करती है, वहीं शासकीय कार्यालयों में अनाप शनाप खर्च की जानकारी विभाग के अधिकारी छुपाने में जुटे रहते है, कुछ अधिकारी तो शासकीय राशि को अपने पुरखों की जागीर समझते है ,ऐसा ही हाल जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का है।
कार्यालय में अधिकारी की पदस्थापना के बाद से करोड़ो की खरीदी नियम विरुद्ध कर ली गई, पर इसकी जानकारी देने से वो भागते नजर आ रहे है। ऐसा नही है कि इस तरह की खरीदी की जानकारी कलेक्टर साहब को नहीं है पर जांच करवाने के लिए वो साहस नही जुटा पा रहे है। वही विभाग के अंदरखाने से भ्रष्टाचार की जानकारी बाहर न आ जाए, अधिकारी ने पहले तो एक दो बार सभी कर्मचारियों की बैठक की और उसने कहा कि कार्यालय की गतिविधियों को किसी को बाहर न बताएं, बेहद मीठा भी बोला, बेटा बेटा भी बोला पर भ्रष्टाचार की गुप्त बातें बाहर आने लगी जिससे परेशान होकर अधिकारी में एक रजिस्टर में कर्मचारियों को तमाम धाराओं के डर दिखाते हुए हस्ताक्षर करवा लिए कि जो भी ऐसा करता पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्यवाही होगी, अब उन्हें ये सुनिश्चित हो गया कि भ्रष्टाचार की जानकारी बाहर नही जाएगी, जबकि अधिकारी को पूरे विभाग का ही सही मायने में कुछ पता नही है, उनकी सरकारी खर्च में लूटपाट की जानकारी सिर्फ उनके कार्यालय तक सीमित नही है बल्कि CHC, PHC तक फैली हुई है। अब देखना है कि वहां से जानकारी न बाहर आ पाए उसके लिए वे क्या करते है।
वर्ष 2022-23 की जांच नही
तत्कालीन कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने तत्कालीन CMHO डॉ रामेश्वर शर्मा के कार्यकाल की शिकायत के बाद जांच के निर्देश दिए, जांच के बाद बाबू को निलंबित कर दिया गया जबकि अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही के लिए राज्य सरकार को पत्र भेजा गया, पर अभी तक राज्य सरकार ने कोई कार्यवाही नही की है, वही आरटीआई के तहत जांच प्रतिवेदन की मांग की गई, तो जांच जारी रखने का बहाना बनाकर जानकारी देने से इंकार कर दिया गया, जबकि बेहद गंभीर और करोड़ो की वित्तीय अनियमितता होने के बाद एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए था पर प्रशासन ने ऐसा नही किया। इसके अलावा तत्कालीन सरगुजा कमिश्नर डॉ संजय अलंग ने बीते वर्षों में एनएचएम के तहत खरीदी की जांच के निर्देश दिए, जिसकी जांच पूरी होने को है। परंतु वर्ष 22-23 की जांच नही की जा रही है।
51 करोड़ के बजट में है गड़बड़झाला
वैसे तो कोरिया जिला बीते 9 माह में भ्रष्टाचार का गढ़ बना हुआ, एनएचएम के तहत वर्ष 2022-23 में 51 करोड़ का बजट था, इस बजट का खर्च जनवरी 22 से मार्च 23 तक मनमाफिक तरीके से अनाप शनाप किया गया, यहां तक जिला अस्पताल, CHC, PHC तक का आया बजट स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने ही खर्च कर डाला, वही खरीदी गई सामग्री, उपकरण विभाग के गोदाम तक नही पहुंचे, उसे सीधे CHC, PHC तक पहुंचा दिया गया, जिससे उसकी गुणवत्ता, क़्वालिटी के साथ क्या खरीदा गया है इसका पता ही नही चल पाया। जिसकी शिकायत भी हुई पर शिकायत फ़ाइल धूल खा रही है।