🖊️शहबाज़ आलम (संभागीय ब्यूरो सरगुजा)
विधायक प्रत्याशी को लेकर गोंगपा मे उठ रहे विरोध के सुर
वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष एवं बैकुंठपुर विधानसभा प्रत्याशी के विरोध में हैं सैकड़ों कार्यकर्ता:-सूत्र
कोरिया। विभाजित कोरिया जिले की एक मात्र विधानसभा सीट बैकुंठपुर में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नज़र नहीं आ रहा हैं , ऐसा हम नहीं दबी आवाज़ मे गोंगपा के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी कहते हुए दिख रहे हैं।चार राज्यों के विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही राजनीतिक दलों के बीच बनते बिगड़ते समीकरण चुनावी हवा का रुख पलटते हुए पार्टीयां अपनी चुनावी बिसात बिछा रहे हैं। तो वहीं छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी हर स्तर से चुनाव के रण में खुद को मजबूत बनाने की जुगत में लगी हुई है। गोंगपा भी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश के 90 सीटों पर जल्द ही अपने प्रत्याशी के नाम घोषित करेगी। किसे कहां से टिकट मिलेगा किसका पत्ता कटेगा अभी इसमें कुछ दिन का वक्त हैं, हम बात करें कोरिया जिले की एकलौती विधानसभा सीट बैकुंठपुर की तो यहां से गोंडवाना के वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष चुनाव लड़ते आ रहें है इस चुनाव में कार्यकर्ताओं में इनको प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर असंतोष देखने को मिल रहा है। पार्टी के एक अहम सूत्रधार बतातें है कि इंजीनियर संजय कमरो जो कि पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष है एवं पार्टी ने इन्हें कई बार विधायक एवं नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी बनाया , अन्य नेताओं के तुलना में कई बार चुनाव में मौका दिया गया परंतु किन्ही कारणो से वह हमेशा हार के मुहाने पर जा खड़े होते हैं, कई बार हारे हुए प्रत्याशी को पार्टी अगर फिर से अपना प्रत्याशी घोषित करती है तो जनता के बीच पार्टी की नेगेटिव इमेज बनेगी जिससे कार्यकर्ताओं मे भी उर्जा की कमी देखने को मिलेगा। एवं इस विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी कॉंग्रेस के मुख्य प्रतिस्पर्धा में गोंगपा साईडलाईन होकर हार के करीब पहुंचती दिख रही है। इस लिहाज से पार्टी को चुनाव जीतने के लिए नए चेहरा को जनता के सामने रखना चाहिए जिससे पार्टी की छवि में कुछ सुधार हो एवं कार्यकर्ताओं में उर्जा का संचार हो । छत्तीसगढ़ मे मुख्य राजनीतिक दल कांग्रेस एवं बीजेपी हैं, बीजेपी ने जहां 15 साल राज चलाया तो वहीं भूपेश बघेल की कॉंग्रेस सरकार विगत पौने पांच साल से प्रदेश की सत्ता में काबिज है ऐसे में कॉंग्रेस जहां 75 पार के नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी तो बीजेपी कॉंग्रेस का तख्ता पलट करने का दंब भरते हुए मैदान में प्रत्याशी उतार चुकी है। अब इन दोनो मुख्य विपक्षी दल के बीच गोंगपा छत्तीसगढ़ में अपना जनाधार कितना मजबूत करती है, एवं देखना होगा की छत्तीसगढ़ में गोंडवाना क्या कमाल करती है।