गृहमंत्री अमित शाह ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण पर DRDO को बधाई दी
गृहमंत्री अमित शाह ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण पर DRDO को बधाई दीगृह मंत्री अमित शाह ने बह्मोस मिसाइल के सफल परीक्षण पर DRDO को बधाई दी
यह मिसाइल पहले से ही भारतीय थलसेना नौसेना और वायुसेना के पास है. इसे दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल माना जाता है.
नई दिल्ली. भारत ने ओडिशा स्थित एक प्रक्षेपण स्थल से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का बुधवार को सफल प्रायोगिक परीक्षण किया. इस मिसाइल की मारक क्षमता 400 किलोमीटर से ज्यादा है. इस बड़ी सफलता पर गृहमंत्री अमित शाह ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के सफल उड़ान परीक्षण के लिए DRDO को बधाई दी.
गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, “स्वदेशी रूप से विकसित विस्तारित रेंज वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए DRDO को भारत पर बहुत गर्व है.” इससे पहले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के सूत्रों ने बताया कि यहां पास में चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (ITR) से अत्याधुनिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया गया जो सफल रहा.
इस मिसाइल को समुद्र, जमीन और लड़ाकू विमानों से भी दागा जा सकता है
डीआरडीओ के एक अधिकारी ने बताया कि परीक्षण के दौरान सभी मानक प्राप्त कर लिए गए. प्रयोगिक परीक्षण पूर्वाह्न 10 बजकर 45 मिनट पर किया गया. उन्होंने कहा कि मिसाइल को समुद्र, जमीन और लड़ाकू विमानों से भी दागा जा सकता है. मिसाइल के पहले विस्तारित संस्करण का सफल परीक्षण 11 मार्च 2017 को किया गया था, जिसकी मारक क्षमता 450 किलोमीटर थी.
तीस सितंबर 2019 को चांदीपुर स्थित आईटीआर से कम दूरी की मारक क्षमता वाली ब्रह्मोस मिसाइल के जमीनी संस्करण का सफल परीक्षण किया गया था.
इसे दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल माना जाता है
डीआरडीओ और रूस के प्रमुख एरोस्पेस उपक्रम एनपीओएम द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ब्राह्मोस मिसाइल “मध्यम रेंज की रेमजेट सुपरसोनिक क्रूज” मिसाइल है, जिसे पनडुब्बियों, युद्धपोतों, लड़ाकू विमानों तथा जमीन से दागा जा सकता है.
सूत्रों ने बताया कि यह मिसाइल पहले से ही भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के पास है. इसे दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल माना जाता है.