रिसाली। अंतिम संस्कार समेत इंधन के रूप में लकड़ी की किल्लत को दूर करने का रास्ता रिसाली निगम ने निकाल लिया हैं। जल्द ही रूआबांधा स्थित गोबर खरीदी केन्द्र में मशीन स्टाल किया जाएगा। मशीन की मद्द से योजना के तहत खरीदे गए गोबर से लकड़ी के आकार का कंडा बनाया जाएगा।
अपर कलेक्टर व रिसाली निगम के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे मंगलवार को गोधन न्याय योजना की समीक्षा करने रूआबांधा स्थित एस.एल.आर. सेंटर पहुंचे। जहां कुमकुम महिला स्व सहायता समूह की सदस्यों से चर्चा की। सदस्यों की मांग पर गोबर से लकड़ी के आकार के कंडा बनाने की मशीन शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके अलावा अपर कलेक्टर ने मांग अनरूप कंडा व छेना बनाने के भी निर्देश दिए। आयुक्त ने योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान मौके पर नोडल अधिकारी रमाकांत साहू, बेमेतरा जिला के एसडीओ कृषि राजकुमार सोलंकी व उपअभियंता हिमांशु कावड़े उपस्थित थे। हितग्राहियों से खरीदे गए गोबर से खाद बनाने रिसाली निगम ने 40 टैंक तैयार कर शेड बनाया हैं। वर्तमान में इस टैंक की मद्द से खाद बनाने दस हजार किलो गोबर का उपयोग किया जा रहा हैं। वहीं सेंटर में लगभग 3 लाख किलोग्राम गोबर रखा हैं। जिसका खाद बनाने परिसर में ही ईट से कच्चा व अस्थाई टैंक का निर्माण किया जाएगा। ताकि बल्क में खाद तैयार किया जा सके।
बेमेतरा एसडीओं कृषि राजकुमार सोलंकी (तकनीकी विशेषज्ञ) अपने अनुभवों को महिला स्वसहायता समूहों के सदस्यों से साझा किया।
इस दौरान भंडारण कर रखे गोबर को सड़ाने की सरल प्रक्रिया बताई। उन्होंने बताया कि महज सात दिन में वे कैसे 200 लीटर और 200 लीटर से 20 हजार लीटर वेस्ट कंपोसडर बना सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने कच्चा टैंक तैयार करने का तरीका भी बताया। एसडीओ ने बताया कि वेस्ट कंपोसडर से गोबर को आसानी से सड़ा सकते है और खाद बना सकते हैं।