पटना । बिहार में टेक्सटाइल्स उद्योग की असीम संभावनाएं हैं। कोरोना काल में लौटे श्रमिकों में 70 फीसदी टेक्सटाइल्स क्षेत्र से ही हैं। अभी बांग्लादेश का इस क्षेत्र में दबदबा है। अगर उसे कोई चुनौती दे सकता है तो वह भारत है और उसमें भी बिहार। केंद्र में कपड़ा मंत्री रहा हूं। अपने अनुभवों और सम्पर्कों के बल पर कोशिश करूंगा कि बिहार टेक्सटाइल्स उद्योग का हब बने। राज्य के उद्योग विभाग का कार्यभार संभालने वाले मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बिहार में सबसे बड़ा जमींदार उद्योग विभाग है। इसके पास ढाई हजार एकड़ जमीन है। देश के कई राज्यों की तुलना में अधिक बिजली बिहार में उपलब्ध है। सड़क के मामले में बिहार की स्थिति बेहतर है। पानी की कमी नहीं है। यानी, उद्योग लगाने के लिए जो भी चाहिए, बिहार में उपलब्ध है। एक-दो घटनाओं से राज्य की ऐसी छवि बनाई जाती है कि सबसे अधिक अपराध बिहार में ही हो रहा है। हकीकत है कि महाराष्ट्र से भी कम आपराधिक घटनाएं बिहार में घटती हैं, पर वहां उद्योग लगाने में किसी को हिचक नहीं है।
बिहार के पास देश के सबसे सक्षम व अनुभवी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। प्रधानमंत्री की इच्छा है कि बिहार आत्मनिर्भर हो। पार्टी ने मुझे केंद्र की राजनीति से बिहार भेजकर भरोसा जताया है। सबकी उम्मीदों पर खरा उतरूं, यह कोशिश है। दुनिया में बिहारियों का डंका है। जिस तरह मैं बिहार आया हूं, उसी तरह अप्रवासी बिहारी उद्योगपतियों को भी बिहार बुलाकर उद्योग लगाने का प्रयास करूंगा। बिहार फाउंडेशन को आधार बनाकर ग्लोबल तरीके से लोगों को निवेश के लिए आमंत्रित करूंगा। मेरे सम्पर्क में रहने वाले यूपी के एक डेयरी कंपनी के मालिक ने चीलिंग प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है। देश में इथनॉल की अधिक खपत है। बिहार में गन्ना उत्पादन होता है और परिचित उद्योगपतियों से सम्पर्क साधकर बिहार में इथनॉल उद्योग लगाने की कोशिश कर रहा हूं। शाहनवाज ने कहा कि हमारे पास सक्षम मानव बल है। उद्योग लगाकर ऐसे सक्षम युवाओं को रोजगार दिलाना हमारी पहली प्राथमिकता है। बिहार की उद्योग नीति कई राज्यों से बेहतर है। फिर भी सुझाव मांगा है। उद्योगपतियों की सुविधाओं के लिए कुछ और आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। उद्योग महज एक विभाग ही नहीं है, यह युवाओं के सपनों और बिहार के भविष्य का विभाग है। युवाओं के सपनों को साकार करने की बड़ी जिम्मेवारी मिली है जिसे पूरा करने की भरपूर कोशिश करूंगा। बिहार केवल कंज्यूमर राज्य या गोडाउन नहीं, उत्पादक राज्य बनेगा।