कोलकत्ता । केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पश्चिम बंगाल को ‘जल जीवन मिशन’ के तहत आवंटित की गई राशि पिछले वित्त वर्ष में खर्च नहीं हो पाई और राज्य की तरफ से मुद्दे पर कोई सहयोग नहीं दिखा। लोकसभा में एक प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि वह जब कभी इस योजना की प्रगति पर चर्चा के लिए बैठक बुलाते हैं, तो पश्चिम बंगाल सरकार से संबंधित मंत्री या अधिकारी शामिल नहीं होते। बहरहाल, उन्होंने कहा कि लेकिन जब जलशक्ति मंत्रालय के सचिव बैठक करते हैं, तो अधिकारी इन बैठकों में शामिल होते हैं। हालांकि शेखावत का यह बयान चुनावी दांव का हिस्सा माना जा रहा है। आपको बता दें कि जल्दी ही बंगाल में चुनाव होने वाला है। इससे पहले बंगाल दौरे पर गए अमित शाह ने भी ममता सरकार पर कई निशाने साधे थे। हालांकि जवाब में ममता बनर्जी ने भी भाजपा को वह आरोप साबित करने की चुनौती दे डाली, जिसमें भापजा द्वारा तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया गया था कि राज्य द्वारा केंद्र के दिए पैसे का दुरुपयोग किया गया। आरोप साबित करने की चुनौती देते हुए ममत बनर्जी ने कहा कि भाजपा द्वारा यह साबित नहीं कर पाने पर नरेंद्र मोदी सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता में गैर-सरकारी संगठनों और नागरिक समाज संगठनों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दावा किया कि भाजपा नेता अमित शाह द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा से अहंकार की बू आ रही है और यह एक केंद्रीय गृह मंत्री को शोभा नहीं देता। उल्लेखनीय है कि शाह वर्तमान में बंगाल के दौरे पर हैं। ममता ने भी कहा हम हमेशा पश्चिम बंगाल में सभी का स्वागत करते हैं। लेकिन अमित शाह द्वारा आज की गई टिप्पणी अनुचित है और उससे सत्ता की भूख का पता चलता है। मैं बहुत स्पष्ट रूप से कह रही हूं, गृह मंत्री द्वारा ऐसे शब्द अच्छे नहीं लगते। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि वह एक भी ऐसा शब्द नहीं बोलेंगी जो अशोभनीय हो।