केजरीवाल के शपथ ग्रहण पर बीजेपी के सवाल, AAP का जवाब- शिक्षकों का सम्मान करना सीखें

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत दर्ज करने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल रविवार को एक फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में शिक्षकों को बुलाने पर सियासत गरमा गई है. भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल शिक्षकों को जबरन शपथ ग्रहण में बुलवा रहे हैं. जिस पर आम आमदी पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी को शिक्षकों का सम्मान करना सीखना चाहिए.

पश्चिमी दिल्ली से बीजेपी सांसद परवेश वर्मा ने केजरीवाल पर शिक्षकों को जबरन शपथ ग्रहण समारोह में बुलाने का आरोप लगाया. वहीं, पश्चिम दिल्ली से कांग्रेस नेता मुकेश शर्मा ने भी इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी को घेरने की कोशिश की. जवाब में मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों पार्टियों पर पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस और बीजेपी को शिक्षकों का सम्मान करना नहीं आता.

उन्होंने कहा कि जनता ने केजरीवाल मॉडल ऑफ डेवलपमेंट को जिताया है, ये उनकी जीत है. इस जीत से लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त मददगार सरकार मिली है. साथ ही मनीष सिसोदिया ने बताया कि शपथ ग्रहण के दौरान दिल्ली के लोग ही मुख्य अतिथि होंगे.

उन्होंने बताया कि केजरीवाल सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शहीदों के परिवार भी शामिल होंगे. इनके अलावा दिल्ली को बनाने वाले उद्योगपति, वकील, पत्रकार, छात्र, बस-ऑटो ड्राइवर, किसान और सोशल वर्कर भी शामिल होंगे.

सिसोदिया ने कहा कि समारोह में हर क्षएत्र के लोग आ रहे हैं. स्टेज पर 50 मेहमान होंगे, जिनमें शिक्षक, स्कूल के चपरासी, ओलम्पियाड में शामिल होने वाले सरकारी स्कूल के बच्चे और दिल्ली के निर्माता होंगे. इसके अलावा वो छात्र भी शामिल होंगे जिनको जय भीम का फायदा मिला. इस दौरान मोहल्ला क्लिनिक के डॉक्टर बाइक एम्बुलेंस के राइडर होंगे.

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में फरिस्ते योजना के तहत लोगों की जान बचाने वाले लोगों को भी बुलाया गया है. साथ ही फायर फाइटर, पुलिस फैमिली, सफाई कर्मचारी, बस मार्शल, मेट्रो ड्राइवर, सिग्नेचर ब्रिज बने वाले आर्किटेक्ट, कंस्ट्रक्शन वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर और डोर स्टेप डिलिवरी एग्जिक्यूटिव भी शामिल होंगे.बता दें कि अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ 6 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे. बता दें कि केजरीवाल मंत्रिमंडल में कोई नया चेहरा नहीं होगा. पूर्व सभी 6 मंत्रियों को फिर से मौका दिया जाएगा. जानकारी के मुताबिक केजरीवाल ने दूसरे दलों के नेताओं को शपथ ग्रहण समारोह के लिए न्योता नहीं दिया है.

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